किन्नर होते हुए भी गजब का मातृत्व जज़्बा है लीला में, 150 से अधिक लड़कियों की उठा रखी है ज़िम्मेदारी

किन्नर होते हुए भी गजब का मातृत्व जज़्बा है लीला में, 150 से अधिक लड़कियों की उठा रखी है ज़िम्मेदारी

न्यूज डेस्क। हम आम लोंगों के बीच में एक ऐसी प्रजाती है जिसे हम लोग समाज का हिस्सा नहीं समझते है वह प्रजाती है किन्नर जिसके लिए कई तरह के नियम कानून बनाने के बाद भी आज समाज में उन्हें अलग दृष्टि से देखा जाता है। किन्नर का नाम आते ही लोगों का  उनके प्रति एक अलग ही नजरिया हो जाता है। किन्नर एक ऐसी प्रजाति है जो कि ना ही महिलाओं में आती है और ना ही पुरुष में। सदियों से किन्नर हमारे बीच रहते आए हैं, लेकिन समाज में उन्हें जो दर्जा मिलना चाहिए वो नहीं मिल पाया है।

तो वहीं हमारा समाज अभी भी कुरितियों से भरा हुआ है यहां पर न केवल किन्नरों को बल्कि बेटियो को बोझ समझता हैं और बेटियां होने के बाद उनको मार दिया जाता है लेकिन,  इस सब के बीच कई लोग ऐसे होते हैं जोकी इसके विपरीत अपनी सोच रखते हैं वह लोग बेटियो को अपने घर की लक्ष्मी समझते हैं, लेकिन उनके घर की आर्थिक स्थिति सही न होने के कारण वो अपनी बेटियो को अच्छे से पढ़ा नहीं पाते और न ही एक अच्छे घर में उनकी शादी कर पाते हैं जिसकी वजह से उनके घर की बेटियों कुछ दुखों का सामना करना पड़ता है।

लेकिन आज हम आपको एक ऐसे ‘किन्नर के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्होने ऐसी ही गरीब बेटियो को सहारा दिया और उनको पढ़ाया और अच्छे घराने में उनकी शादी भी करवाई है तो चलिए आज जानते हैं उस किन्नर के बारे में…

आपको बता दें की उस किन्नर का नाम है लीला (lila) इस किन्नर अभी तक ऐसी ही 150 लड़कियों की मां बनी है उनको उन्होंने अपनी कोख से तो जन्म नहीं दिया लेकिन बेटियो को प्यारा उनकी सगी मां से बडकर दिया है किन्नर लीला ने जो माता–पिता अपनी बेटी को पढ़ाने और उनकी शादी करने में असमर्थ होते है, उनको पढ़ाया लिखाया है और उनकी शादी भी करवाई है इस काम करने से उन्हें काफी ज्यादा खुशी भी होती है।

बताते चलें की किन्नर लीला राजस्थान के बाड़मेर जिले में रहती है और वहीं से वह ऐसे परिवारों से मिलती है जो अपनी बेटियों का खर्चा चलाने में असमर्थ होते हैं वह उनकी पढाई से लेकर शादी तक का खर्चा चलती है, इसको लेकर किन्नर लीला का कहना है की जब वह उस बेटी के चहरे पे खुशी देखती है तो उनके दिल को काफी सुकून मिलता है।

Vishi

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