बॉलीवुड की वो फिल्में जिन्हें जरूर मिलना चाहिए था नेशनल अवार्ड

बॉलीवुड की वो फिल्में जिन्हें जरूर मिलना चाहिए था नेशनल अवार्ड

बॉलीवुड डेस्क। बॉलीवुड इंडस्ट्री में हर रोज कई फिल्मों का निर्माण होत है जिनमें से कई फिल्म दर्शकों को काफी ज्यादा पसंद आती है तो कई नहीं भी आती है लेकिन ऐसी फिल्में होती हैं जोकी हमें सामाजिक संदेश दे जाती है यह फिल्म हर व्यक्ति के देखने के लायक होती है, क्योंकी इन फिल्मों से हमें सीखने के लिए बहुत कुछ मिलता है, लेकिन हालही में नेशनल फ़िल्म अवार्ड की घोषणा की गई। जिसमें तमिल भाषा की सूराराई पोट्टरू ने बेस्ट फिल्म, बेस्ट एक्टर (मेल), बेस्ट एक्टर (फीमेल) सहित कुल 5 अवॉर्ड्स अपने नाम किए। हिंदी फिल्मों की बात करें तो अजय देवगन को तान्हाजी के लिए बेस्ट एक्टर (मेल) का अवार्ड मिला है। लेकिन आज हम इन सबके बीच कई फिल्में ऐसी की बात कर रहे हैं जोकी  नेशनल अवार्ड जीतने में असफल रहीं लेकिन फिल्में जानने समझने वाले एक बड़े वर्ग का मानना है कि इन फिल्मों को नेशनल अवार्ड दिया जाना चाहिए था। तो चलिए जानते हैं हम उन फिल्मों के बारे में…

माई नेम इज़ ख़ान

बॉलीवुड इंडस्ट्री का सबसे ज्यादा पसंद की जाने वाली फिल्म माई नेम इज़ ख़ान बॉलीवुड की काफी ज्यादा अच्छी फिल्म थी माई नेम इज़ ख़ान 2010 में आई थी। उस समय फ़िल्म को देश में कई विरोध प्रदर्शनों से गुजरना पड़ा था। इस फिल्म में शाहरुख खान और काजोल ने मुख्य भूमिका निभाई थी इस फ़िल्म को एक भी कैटेगरी में नेशनल अवार्ड नहीं मिला था। लेकिन अगर इस फिल्म को आप देखेंगे तो आपको लगेगा की इस फिल्म को अवार्ड जूरूर मिलना चाहिए।

सलाम बॉम्बे

बॉलीवुड की सबसे ज्यादा देखे जाने वाली फिल्म सलाम बॉम्बे का  निर्देशन मीरा नायर ने किया था। यह फिल्म 1988 में आई थी। इस फिल्म में नाना पाटेकर, रघुबीर यादव जैसे कलाकार थे। इस फिल्म में  मुंबई के एक रेड लाइट एरिया की कहानी दिखाई गई ती की वहां पैदा होकर बडे होने वाले बच्चे क्या करते हैं, अगर आप इस फिल्म को देखेंगे तो आपको भी लगेगा की इस फिल्म को तो जरूर ही नेशनल अवार्ड मिलना चाहिए था।

स्वदेस

बॉलीवुड की सबसे पसंदीदा फिल्म की आगर बात की जाए तो सबसे पहले नाम फिल्म स्वदेस का ही आता है यह फिल्म साल 2004 में आई  थी इस फिल्म का निर्देशन आशुतोष गोवारिकर ने किया था। इस फिल्म में शाहरुख खान और गायत्री जोशी ने अहम भूमिका निभाई थी इस फिल्म में शाहरुख का किरदार इसमें नासा में काम कर रहे एक ऐसे वैज्ञानिक का है जो अपने गांव आता है, जहां अभी तक बिजली भी नहीं पहुंची है। वह गांव की बदहाली देखता है और नासा की नौकरी छोड़कर गांव में बिजली लाने के लिए काम करने लगता है। अगर आप इस फिल्म को देखेंगे तो आपको ऐसा लगेगा की इस फिल्म को तो जरूर ही नेशनल अवार्ड मिलना चाहिए।

Vishi

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